Sunday, August 28, 2016

shriNuyaama vadema paThema bhoH !

ॐ 
शृणुयाम वदेम पठेम भोः 
विदधीम लिखेम च भारतीम् /
जगती भवतीह समर्चिता 
श्रुतिगिरा गुरुभारतगौरवम् // 

सु मो मिश्रः 

Tuesday, August 2, 2016

vicaarayema !

" वेदान्नो वैदिकाः शब्दाः सिद्धा लोकाच्च लौकिकाः /
  अनर्थकं व्याकरणम् " इत्यत्र सत्यमस्ति वा  ??  //
नाधीत्य वेदान्न च लोकवृत्त्या
                           शिष्टप्रयोगान् ननु शिक्षमाणः  /
तन्त्रं प्रधानं कुरुते मनस्वी 
                           किं तेन वाक् सिध्यति सूत्रवृत्त्या ? //
 यथोपवीतसूत्रेण तन्मात्रेण न वै द्विजः /
 तथा प्रयोगविधुरः सूत्रज्ञो याति हास्यताम् //

paaniniiyaah subodhema !

पाणिनीयमहातन्त्रं पथ्यं संस्कृतसेविनाम् /
पाणिन्यत्यन्ततन्त्रत्वं चिन्त्यं संस्कृतभूतये //

Friday, December 4, 2015

तीर्थीकुर्वन्ति तीर्थानि सद्गुरोः पादपांसवः   /
शास्त्रीकुर्वन्ति शास्त्राणि तदीयास्याब्जरेणवः //
गुरुहीनं तु  किं तीर्थं नदीसिन्धुसरोवराः /
गुरुहीनं तु किं शास्त्रं ग्रन्थोद्ग्रन्थश्रमोदयः //

Thursday, December 3, 2015

KALIPANDITAAH !

असंस्कृतपदन्यासा  अशास्त्रकृतषण्मुखाः   /
अनाचारवशारम्भाः पण्डिताः कलिमण्डनाः //

Wednesday, December 2, 2015

VAARAYAAMAASA TAAN GHANAAN !

                               //श्रीः//
ॐ  धृते गोवर्धने शैले परित्राणाय गोकुळे  /अस्माभिर्वलिभिर्जुष्टो वारयामास तान् घनान्  //         // स्वाहा ! //

Tuesday, December 1, 2015

raashtrabhaashaa !

हंहो सा राष्ट्रभाषेति कस्य चित्ते न निश्चयः /
विदुषोSविदुषो वापि देशिनो वा विदेशिनः !   //
संस्कृतं राष्ट्रभाषेति विश्वे ते गुरवो वयं   /
के वयं विश्वपटले विना संस्कृतसंस्कृतिम् ? //